भारत में 24650 BMC सर्वर पासवर्ड हैश लीक कर रहे
70% इंटरनेट यूजर्स वाले भारत में 24650 BMC इंटरफेस बिना लॉगिन के पासवर्ड हैश उजागर कर रहे हैं। जुलाई 2026 रिपोर्ट के मुताबिक कुल 36872 सर्वर मैनेजमेंट इंटरफेस इंटरनेट पर खुले पड़े हैं जो अनधिकृत एक्सेस और डेटा चोरी का खतरा बढ़ा रहे हैं।

साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि भारत समेत दुनिया भर में 36,872 सर्वर मैनेजमेंट इंटरफेस इंटरनेट पर खुली हालत में हैं।
इनमें से 24,650 बेसबोर्ड मैनेजमेंट कंट्रोलर (BMC यानी सर्वर के अंदर लगा एक छोटा कंप्यूटर जो मुख्य सिस्टम बंद होने पर भी रिमोट मैनेजमेंट की सुविधा देता है) IPMI प्रोटोकॉल (Intelligent Platform Management Interface यानी सर्वर को नेटवर्क पर नियंत्रित करने का एक स्टैंडर्ड तरीका) का इस्तेमाल करते हुए पासवर्ड से बने ऑथेंटिकेशन हैश लॉगिन से पहले ही लीक कर रहे हैं। मीडिया सूत्रों के अनुसार यह कमजोरी अनधिकृत रिमोट एक्सेस और डेटा चोरी का खतरा बढ़ा रही है, खासकर उन आम भारतीयों के लिए जो ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं पर निर्भर हैं। आगे यह रिपोर्ट बताएगी कि यह समस्या कितनी गहरी है, आंकड़े क्या कह रहे हैं और आम आदमी की जिंदगी पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
क्या हुआ
जुलाई 2026 में जारी रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने पाया कि कुल 36,872 इंटरनेट-एक्सपोज्ड सर्वर मैनेजमेंट इंटरफेस IPMI प्रोटोकॉल चला रहे थे। इनमें से 24,650 BMC इंटरफेस लॉगिन से पहले ही पासवर्ड-डिराइव्ड ऑथेंटिकेशन हैश (यानी पासवर्ड का एक तरफा एन्क्रिप्टेड वर्जन) उजागर कर रहे थे। यह खुलासा एक बड़ी कमजोरी की वजह से हो रहा है जो पासवर्ड हैश को प्रमाणीकरण से पहले ही लीक होने देती है। मीडिया सूत्रों के अनुसार ये BMC मुख्य रूप से सर्वर को दूर से मैनेज करने के लिए इस्तेमाल होते हैं, भले ही मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो।
हालांकि समस्या भारत में भी फैली हुई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कई भारतीय सर्वर मैनेजमेंट इंटरफेस भी इंटरनेट पर खुले पड़े हैं। इसका मतलब है कि हमलावर बिना किसी पासवर्ड डाले ही हैश हासिल कर सकते हैं और बाद में उन्हें क्रैक करने की कोशिश कर सकते हैं। नतीजा यह कि अनधिकृत रिमोट एक्सेस का खतरा बहुत बढ़ गया है। एक बार सर्वर पर कब्जा हो जाने के बाद हमलावर डेटा चोरी, सर्विस रोकना या और आगे के अटैक कर सकते हैं। यह घटना जुलाई 2026 में सामने आई जब शोधकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर स्कैन किया।
अधिकारियों ने बताया कि BMC का इस्तेमाल डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विस और बड़े संगठनों में आम है। लेकिन जब ये इंटरनेट पर एक्सपोज हो जाते हैं तो सुरक्षा की कई परतें बेकार हो जाती हैं।
असली समस्या क्या है
इंटरनेट पर खुले सर्वर मैनेजमेंट इंटरफेस पासवर्ड हैश लीक कर रहे हैं, जिससे अनधिकृत रिमोट एक्सेस और डेटा ब्रिच का खतरा बढ़ रहा है। आम भारतीय जो डिजिटल सेवाओं पर भरोसा करते हैं, उनकी निजी जानकारी, बैंक डिटेल और सरकारी रिकॉर्ड इन सर्वर पर रखे जाते हैं। इसका मतलब है कि अगर कोई हैकर इन हैश को क्रैक कर ले तो वह सर्वर पर घुस सकता है। यही वजह है कि ऑनलाइन बैंकिंग करने वाला व्यक्ति अपनी बचत खो सकता है। ई-कॉमर्स यूज करने वाला अपना ऑर्डर डिटेल लीक होते देख सकता है।
सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले आम आदमी के व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकते हैं। नतीजा यह कि एक छोटी सी कमजोरी पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को हिला सकती है। क्योंकि भारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन रोज बढ़ रहे हैं, इसलिए यह समस्या अब नजरअंदाज नहीं की जा सकती।

आंकड़े क्या कहते हैं
इसका मतलब है कि लगभग हर व्यक्ति के पास मोबाइल है जो क्लाउड सेवाओं और बैंकिंग ऐप पर निर्भर करता है, लेकिन पीछे के सर्वर सुरक्षित न हों तो ये सब बेकार हो जाते हैं।
यह संख्या बताती है कि इतनी बड़ी आबादी के लिए सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर अभी बहुत कम है, इसलिए 24,650 BMC का एक्सपोज होना और भी चिंताजनक है। 2020 में भारत का R&D खर्च जीडीपी का सिर्फ 0.65 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि सुरक्षा और साइबर रिसर्च पर जितना खर्च होना चाहिए था, उतना नहीं हो सका, जिसकी वजह से ऐसी कमजोरियां लंबे समय तक बनी रहती हैं।
यह क्यों हुआ — background
BMC और IPMI का इस्तेमाल दशकों से हो रहा है क्योंकि ये सिस्टम को दूर से मैनेज करने की सुविधा देते हैं। लेकिन कई बार एडमिनिस्ट्रेटर इन्हें इंटरनेट पर खुला छोड़ देते हैं ताकि काम आसान हो जाए। नतीजा यह कि ये इंटरफेस हमलावरों के लिए आसान निशाना बन जाते हैं। एक रोजमर्रा की तुलना करें तो जैसे घर का दरवाजा बंद करके भी पिछली खिड़की खुली छोड़ दी जाए। हमलावर उसी खुले रास्ते से अंदर घुस जाता है। इसी तरह BMC का इंटरफेस मुख्य सिस्टम से अलग काम करता है, इसलिए मुख्य फायरवॉल भी इसे नहीं रोक पाता।
पिछले सालों में भी कई बार ऐसे एक्सपोज्ड इंटरफेस की वजह से बड़े ब्रिच हुए हैं। मीडिया सूत्रों के अनुसार कई कंपनियां अभी भी पुरानी सेटिंग इस्तेमाल कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कोई उन्हें ढूंढ नहीं पाएगा। लेकिन शोधकर्ताओं के बड़े स्कैन ने साबित कर दिया कि 36,872 इंटरफेस आसानी से मिल गए।
इसलिए सुरक्षा विशेषज्ञ कह रहे हैं कि BMC को इंटरनेट से अलग रखना चाहिए और मजबूत पासवर्ड के साथ दो-तरफा वेरिफिकेशन लगाना चाहिए।
मीडिया सूत्रों के अनुसार, “ऐसे एक्सपोज्ड BMC हमलावरों को बिना मेहनत के सर्वर पर कंट्रोल दे देते हैं।”
भारत पर असर
आम भारतीयों के लिए यह खबर सीधे उनके रोज के डिजिटल जीवन को प्रभावित करती है। ऑनलाइन बैंकिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान चोरी हो सकती है और पैसे गायब हो सकते हैं। ई-कॉमर्स पर सामान खरीदने वाले की पर्सनल और पेमेंट डिटेल लीक हो सकती है। सरकारी पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड देखने वाले स्टूडेंट या रिमोट वर्कर को भी खतरा है। अगर सर्वर हैक हो गया तो उनकी पढ़ाई या काम दोनों रुक सकते हैं।
इसके अलावा क्लाउड सेवाओं पर निर्भर छोटे बिजनेस की जानकारी भी चोरी हो सकती है। नतीजा यह कि नौकरियां, बचत और निजी सुरक्षा तीनों पर असर पड़ता है।
दूसरा पक्ष
कई एक्सपर्ट कहते हैं कि सभी 36,872 इंटरफेस में से ज्यादातर अभी भी मजबूत पासवर्ड और एक्सेस कंट्रोल वाले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि BMC को रिमोट मैनेजमेंट के लिए इंटरनेट पर रखना कई संगठनों की जरूरत है, खासकर दूर-दराज के डेटा सेंटर में। वे कहते हैं कि सही कॉन्फिगरेशन और नियमित मॉनिटरिंग से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए पूरी तरह इंटरनेट से अलग करना हर स्थिति में व्यावहारिक नहीं है।
आगे क्या
अगले कुछ हफ्तों में कंपनियों को अपने BMC इंटरफेस चेक करने और उन्हें इंटरनेट से हटाने की सलाह दी जा रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां भी बड़े संगठनों को अलर्ट जारी कर सकती हैं। सामान्य यूजर्स को अपने पासवर्ड मजबूत रखने और दो-चरणीय वेरिफिकेशन चालू करने की जरूरत है। शोधकर्ता आगे और विस्तृत रिपोर्ट जारी करने वाले हैं जो बताएगी कि भारत में कितने सर्वर सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।
मुख्य बातें
- शोधकर्ताओं ने 36,872 इंटरनेट-एक्सपोज्ड IPMI इंटरफेस पाए, जिनमें से 24,650 पासवर्ड हैश लीक कर रहे हैं।
- BMC सर्वर को दूर से मैनेज करने देता है लेकिन इंटरनेट पर खुला होने से सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
- आम आदमी को बैंकिंग, ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं में अपनी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहना होगा।
निष्कर्ष
24,650 BMC इंटरफेस बिना लॉगिन के पासवर्ड हैश उजागर कर रहे हैं, जिससे भारत के बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
जिस चौंकाने वाले आंकड़े से यह कहानी शुरू हुई थी, वही अब आम आदमी की चिंता बन गया है।
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